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पड़ोसन भाभी की मस्त जवानी की प्यास

हैलो दोस्तो, मेरा नाम राहुल है. मैं दिल्ली का रहने वाला हूं.

आज मैं आपके लिए एक बहुत कामुक कहानी लेकर आया हूं.

मेरे पड़ोस में एक बहुत मस्त भाभी रहती थी, जिसका नाम सुमन था.

सुमन की जितनी तारीफ करूं उतनी कम है.

उसकी 34 की उम्र, उठी हुए गांड, मोटे मोटे बूब्स आह… साली को देख कर ही लंड खड़ा हो जाए, ऐसी माल है वह भाभी.

यह गरम भाभी कहानी उस टाइम की है, जब मैं पढ़ता था.

वे लोग एक दो महीने पहले ही मेरे पड़ोस में शिफ्ट हुए थे.

भाभी का पति खाड़ी में जॉब करता था.

हमारे घर उस टाइम टीवी नहीं था, तो भाभी से चर्चा चलने लगी थी कि मुझे टीवी देखना बड़ा पसंद है और पापा टीवी नहीं ले रहे हैं.

भाभी बोली- हमारे घर देखने आ जाया करो.

उसका ऑफर पाकर मैं रोज उसके घर टीवी देखने के बहाने चला जाता, पर सच तो यह था कि मैं तो उस कड़क माल को आँखों से चोदने के लिए यानि देखने जाता था.

मेरा ध्यान टीवी पर कम, उसके सेक्सी बदन पर ज्यादा रहता था.

क्या ही कहूँ दोस्तो, साली की गांड देख कर ही मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता और घर आकर सबसे पहले मैं उसके नाम की मुठ मारता था.

हाय सुमन भोसड़ी वाली!

यही सोच सोच कर ही मेरे लौड़े से पानी निकल जाता था.

एक दिन की बात है. मैं जैसे ही गेट पर पहुंचा, भाभी के घर का मेन गेट खुला था, तो मैं सीधा अन्दर घुस गया.

सुमन रंडी किसी से बात कर रही थी. वह उसका पति था.

सुमन को नहीं पता चला कि मैं अन्दर आ गया हूँ.

मैं उन दोनों की बातें सुनने लगा.

भाभी बोल रही थी कि जल्दी आ जाओ, कितने दिन हो गए हैं!

मुझे उन दोनों की बातों से ही पता चला कि उसका पति कई महीनों से घर नहीं आया था.

मैंने देखा कि थोड़ा सा गेट खुला है, तो मैं अन्दर छुपे हुए ही देखने लगा.

अन्दर का नजारा देख कर तो लौड़ा खड़ा हो गया साला!

साली रांड मैक्सी में अपने बिस्तर पर टांगें फैलाए पड़ी थी और अपने एक हाथ से अपने बूब्स दबा रही थी.

कसम से ऐसा लग रहा था कि किसी को बुला रही हो जो आकर उसके दूध को चूस जाए.

वह जब अपने पति को बोल रही थी कितने दिन हो गए चुदाई किए हुए, अब तो आ जाओ यार… मुझसे तो रुका ही नहीं जाता.

ऐसी बात करते करते साली पूरी गर्म हो गई थी और मैक्सी को ऊपर करके अपनी भोसड़ी को रगड़ने लगी थी.

उसकी भोसड़ी मुझे साफ दिखाई दे रही थी.

क्या ही बताऊं… साली की चुत एकदम गोरी… और उस पर एक भी बाल नहीं था. साफ समझ आ रहा था जैसे कुतिया किसी भी लौड़े से चुदना चाहती थी.

उसकी बात भी सही थी कि इतने दिन लौड़ा न मिले तो कोई भी चुत वाली पागल हो ही जाती है!

तभी बात करते करते उसने अपनी मैक्सी उतार दी और टांगें उठा कर भोसड़ी को जोर जोर से रगड़ने लगी.

वह अपने एक हाथ से अपने बूब्स भी दबाने में लगी हुई थी और उसने फोन कान से लगाया हुआ था.

उसको देख कर ही मेरी हालत खराब होने लगी. वैसे ही मेरे लंड की मां चोदे पड़ी रहती थी साली… और इस वक्त तो पूरी नंगी देख कर मस्त कयामत लग रही थी साली रांड!

मुझसे रुका नहीं गया और मैं अन्दर घुस गया.

मैं सीधा उसकी भोसड़ी चाटने लगा.

रंडी ने एक बार मुझे देखा और बोली- चाट राहुल चाट… मेरी भोसड़ी साले चाट… मादरचोद आह कितनी देर से तुझे अपनी चुत दिखा रही थी कुत्ते.

मुझे समझ में आ गया कि इसका फोन करना तो एक ड्रामा था, यह साली अपने दरवाजे खुले छोड़ कर मुझे अपनी चुत दिखाने का कार्यक्रम फिट कर रही थी.

अब वह मुझे सर से दबाती हुई अपनी दोनों टांगों के बीच अपनी आग बरसाती भोसड़ी में घुसाने लगी थी.

मैं भी पागलों की तरह उसकी भोसड़ी को चाटने में लगा था.

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हाय क्या टेस्ट था उसकी चुत के पानी का… मस्त खट्टा नमकीन स्वाद पाकर मैं तो जैसे पागल होने लगा था.

फिर मैंने रंडी के मुँह में लौड़ा दे दिया, तो साली क्या मस्त केले के जैसा चूस रही थी.

मैं उसको गाली दे रहा था- भैन की लौड़ी रंडी साली… चूस मेरा हथियार आह!

वह बड़े मज़े से लंड चूस रही थी, साली पूरी तरह से बाजारू रांड लग रही थी.

फिर मैंने उसकी कमर पकड़ ली और एक टांग उठा कर उसकी भोसड़ी में लौड़ा डालदिया.

साली ने एक बार में ही पूरा लंड अन्दर ले लिया.

उसकी बहुत दिन से चुदाई नहीं हुई थी, जिससे उसकी भोसड़ी बहुत टाइट लग रही थी.

आह क्या ही बताऊं दोस्तो, साली रंडी की भोसड़ी में लंड को कितना अच्छा लग रहा था.

फिर मैंने उसको पेलना शुरु किया, तो वह किसी रंडी की तरह चिल्ला पड़ी और मुझे गाली देने लगी.

‘मादरचोद बहन के लंड चोद मुझे… आह और जोर जोर से पेल साले कुत्ते भड़वे… आह मजा आ गया.’

गाली देते हुए साली कितनी बड़ी रंडी लग रही थी. मैं भी उसके दूध चूसते हुए उसको चोद रहा था.

चुप कर रंडी छिनाल बहन की लौड़ी साली रंडी.’

मैं अब उसे कुतिया बनाकर चोदने लगा. जैसे ही पीछे से लंड पेला, वह उछल पड़ी.

फिर मजे में गाली देने लगी- आह जोर से चोद मुझे साले… आह और जोर से चोद मुझे… साले बूब्स दबा कुत्ते कमीने भड़वे!

कितनी बड़ी रंडी बनना चाहती है तू साली रंडी बोल ना!’

वह बोली- एकदम टॉप क्लास की रंडी बना दे मुझे कमीने आह… पेल मादरचोद!

फिर मैंने बोला- मेरा निकलने वाला है!

वह साली लंड निकलवा कर मेरे लंड के सामने आ गई और लौड़े को अपने मुँह में लेकर बोली- भर दे मेरा मुँह रंडीबाज!

मैंने धार मारना शुरू कर दी. साली मेरा सारा माल पी गई.

वह मेरे सीने से चिपक गई और मुझे किस करने लगी.

साली पूरी तरह से मुझे पागल कर रही थी और जोर जोर से मेरे होंठों को चूसने लगी.

भोसड़ी वाली रांड मुझे जोर जोर से चूस रही थी और अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल रही थी.

मैंने भी उसके मुँह में जीभ को डाल दिया और उसे चूसने लगा.

जल्दी ही मेरा लौड़ा फिर से खड़ा होने लगा. मैंने उसके मुँह में थूक दिया और वह गुटक गई.

मैं उसके मुँह को चाटने लगा, मैंने उसके होंठ लाल कर दिए चूस चूस कर.

कुतिया बड़ी ही मादक आवाज निकाल रही थी.

मैं भी पूरे जोश में आ गया और उसके मोटे मोटे बूब्स चूसने लगा.

उसकी गोरी गोरी चूचियों पर काले निप्पल बड़े ही मस्त लग रहे थे.

फिर वह खुद अपने हाथ से मेरे मुँह में अपने दोनों बूब्स बारी बारी से देने लगी.

मैं मस्ती से उसकी रसभरी चूचियों को चूसने लगा. साथ ही मैं उसके चिकने बदन पर हाथ फेरने लगा.

मैं अपनी जीभ उसकी चूचियों पर रख कर उसकी चूचियां चाट रहा था.

वह बस टांगें फैलाए हुई पड़ी थी और पूरे मजे ले रही थी.

उसे शायद इतना मजा पहले कभी नहीं आया था.

कोई भी लड़की अपने पति से इतना मजा नहीं ले पाती, जितना बाहर के लंड से उसे सुख मिलता है.

सुमन रंडी का भी यही हाल था और उसे भी यही चाहिए था.

वह मेरे लंड को जोर जोर से दबा रही थी. मैंने उसकी चूचियों पर हाथ रखा और फिर से दूध चूसने लगा.

फिर मैं उसे सहलाने लगा. अपना हाथ उसकी जांघों पर रख कर मैं उसकी चुत को मसलने लगा.

वह आह आह करने लगी.

मैंने इस बार रंडी को उल्टा कर दिया और उसकी पीठ पर किस करने लगा.

मैं धीरे धीरे चाटे जा रहा था और सरकता हुए उसकी गांड तक पहुंच गया.

हम दोनों कामुक सिसकारियाँ ले रहे थे.

मैं उसकी गांड को देख कर पागल हो गया था. उसकी गोरी गोरी गांड देख कर मुझसे रुका नहीं गया और मैं उसकी गांड का छेद चाटने लगा!

क्या खुशबू थी साली की गांड की, पागल कर दिया था उसने मुझे.

उसकी गांड को चाट कर मैं फिर से उसकी भोसड़ी की मां चोदने आ गया.

उस साली गरम भाभी ने अपने अंदाज से मेरा लण्ड अपनी चूत से चिपटा लिया.

मैं उसे चूस रहा था और वह भी पानी छोड़ रही थी.

उसकी भोसड़ी चाटने में मुझे बहुत मजा आ रहा था. उस भाभी की भोसड़ी मस्त पानी छोड़ रही थी.

एक बार फिर से मैंने उसकी चूत में घुसा दिया, तो वह चिल्ला उठी.

शायद उसे दर्द हुआ था, पर फिर भी साली ने मेरा पूरा लवड़ा अन्दर घुसवा लिया और फिर से एक बार उसकी चुदाई शुरू हो गई.

छिनाल की चोदी खूब चिल्ला रही थी और मैं बेरहम होकर चोदे जा रहा था.

मादरचोद चोद साले… फाड़ मेरी भोसड़ी आह.’

‘रंडी साले तुझे तो मैं रखैल बनाऊंगा… तेरी रोज लूँगा रंडी साली!’

‘हां मादरचोद रोज चोदना मुझे आह मजा आ रहा है… जोर से चोद साले और जोर जोर से धक्का लगा कमीने..’

देर तक चुदाई के बाद मैंने रंडी की भोसड़ी को अपने माल से भर दिया!
उसके चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी. रंडी बनने की खुशी सुमन रंडी संभाली नहीं जा रही थी.

आपको मेरी गरम भाभी कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.

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