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पड़ोसन चाची के साथ पहली चुदाई

दोस्तो, मेरा नाम ऋषि है.
मैं मध्य प्रदेश का रहने वाला हूँ।

ये नई सेक्स कहानी मेरी और मेरे पड़ोस की चाची की चुदाई की कहानी है।

मेरी चाची का नाम संगीता है।
उनकी उम्र 42 साल है और फिगर 34-32-36 का है।

चाची देखने में बहुत गोरी हैं और एक नंबर का माल हैं।
वे बहुत बड़ी रांड भी हैं।
शादी के बाद भी उनके बहुत से अफेयर्स रहे हैं।

एक बार वे किसी से चुदती हुई पकड़ी भी गई थीं तो चाचा ने उन्हें खूब मारा भी था और अगली बार से ऐसा ना करने की चेतावनी भी दी थी।

लेकिन वे सुधरने वाली नहीं थीं उन्हें एक लौड़े से पूरा नहीं पड़ता था।

उनकी उसी घटना के बाद से सारे मुहल्ले को मालूम पड़ गया था कि चाची रांड हैं।

गली के कुछ मादरचोद किस्म के लौंडे उनको देख कर फब्तियां भी कसते थे कि आज क्या भाव रहा है!

एक दो बार चाची ने उन्हें भला बुरा कहा भी तो वे लौंडे और भी ज्यादा हरामीपन पर उतारू हो गए थे।

फिर चाची ने जबाव देना बंद कर दिया था तो लड़कों ने भी उन्हें छेड़ना बंद कर दिया था।

तब शायद मुझे यह जानकारी लगी थी कि चाची ने उन लौंडों में से एक दबंग किस्म के लड़के को अपने ऊपर चढ़वा लिया था तो बाकी के सब लौंडे चुप हो गए थे।

मैं भी उन्हें काफ़ी समय से चोदना चाहता था लेकिन मेरी यह इच्छा पूरी नहीं हो रही थी।

उनके दोनों बच्चे घर पर होते थे इसलिए कभी मौका भी नहीं मिला।

मैं डॉक्टर बनने वाला हूँ और छुट्टियों में ही घर जा पाता हूँ।
उन दिनों मेरी छुट्टियां चल रही थीं, मैं घर पर आया हुआ था।

मेरा बर्थडे आने वाला था।
मेरा और चाची का बर्थडे एक ही दिन आता है।

जब मेरा बर्थडे आया, उस दिन मैं सुबह नहा धो कर मंदिर गया था।
वे भी उधर आई थीं।

हम दोनों ने एक दूसरे को विश किया और मैं ऐसे ही अपने काम में लगा रहा।

दोपहर में मेरे दिमाग़ में आइडिया आया कि क्यों ना चाची के साथ में ही बर्थडे मनाया जाए।
यह सोच कर मैं चाची के घर गया।

उनका घर मेरे घर से दो मिनट की दूरी पर ही था।

जब मैंने बेल बजाई तो चाची ने गेट खोला।
मुझे देख कर वे मुस्कुराईं और अन्दर आने को कहा।

मैं उनके पीछे पीछे अन्दर आ गया।
उन्होंने नाइटी पहनी हुई थी।

घर पर और कोई भी नहीं था।
फिर चाची ने मुझे बैठने को कहा।

मैं सोफे पर बैठ गया।
वे किचन से नाश्ता लेकर आईं।

फिर हम दोनों बात करने लगे थे।

मैंने उनसे पूछा- चाची, क्यों ना इस बार साथ में बर्थडे सेलिब्रेट किया जाए। हम दोनों ने कभी साथ में नहीं किया, इस बार दोनों साथ में करते हैं।
तो उन्होंने कहा- मैं तेरे चाचा से पूछ कर बताती हूँ।

फिर कुछ देर बात करते हुए उन्होंने मुझसे पूछा- तुम डॉक्टर बनने के तुरंत बाद शादी करोगे या कुछ टाइम के बाद?

मैंने कहा- यह तो मेरे घर वालों की मर्ज़ी पर निर्भर है। वैसे अच्छा होता कि मुझे सेम डेट वाली वाइफ मिलती, जिसका बर्थडे सेम दिन पर हो। जैसे आपका और मेरा।

उन्होंने कहा- ढूढने से शायद मिल जाएगी।
मैं बोला- चाची, काश आप मेरी उम्र की होतीं, तो मैं आपसे शादी कर लेता!

चाची हंस दीं और बोलीं- और क्या करते शादी करके!
यह उन्होंने मुझे छेड़ने वाली टोन में कहा था।

मैं- उसके बाद हनीमून पर जाते और साथ साथ रहते घूमते और भी बहुत कुछ करते।
चाची- बस घूमते रहते और कुछ नहीं करते?

यह कहते हुए उन्होंने मुझे आंख मार दी।

मैं समझ गया कि चाची का मूड अच्छा है।
मैं बोला- आप आज के लिए मेरी वाइफ बन कर देखो!
चाची- बस आज के लिए या हमेशा के लिए!

मैंने कहा- पहले आज के लिए तो बन जाओ!
फिर मैं उनके बाजू में जाकर बैठ गया और उन्हें देखने लगा।

चाची वासना से मुझे देखती हुई बोलीं- ऐसे क्या देख रहे हो?
मैंने उनकी कमर में अपना एक हाथ डालते हुए उन्हें अपनी तरफ खींचा।

वे मुझे घूर कर देखने लगीं।
फिर मैंने उनके गाल पर किस किया, तो वे मुस्कुराने लगीं।

उसके बाद मैंने अपने सर को उनके सर से टच किया और उनके होंठों पर अपनी सांसें छोड़ने लगा।
उनके दोनों हाथ मेरे गले पर आ गए और हमारे लिप्स एक दूसरे से जा मिले।

करीब दो मिनट तक किस करने के बाद मैंने अपना एक हाथ उनके बूब्स पर रखा और दबाने लगा
उन्होंने मेरा हाथ हटा दिया और उठ कर खड़ी हो गईं।

मैंने पूछा- क्या हुआ?
वे हंसने लगीं।

मैं उठा और किस करने लगा।
तो वे पीछे हुईं और बेडरूम की तरफ चल दीं।

मैं उनके पीछे पीछे आ गया और बेडरूम में जाकर मैंने चाची को पीछे से पकड़ लिया।
अब मैं ज़ोर ज़ोर से उनके बूब्स दबाने लगा।

वे बोलीं- आराम से करो न … दर्द होता है!

मैंने उन्हें बेड पर पटक दिया और उनके ऊपर चढ़ कर किस करते हुए उनके बूब्स दबाए जा रहा था।
कुछ देर बाद मैं धीरे धीरे नीचे आने लगा और उठ कर खड़े होकर उन्हें देखने लगा।

उन्होंने अपनी नाइटी उतार दी।
हाय उनका गोरा बदन।

उन्होंने ब्लैक कलर की ब्रा पहन रखी थी।
मैंने ब्रा के अन्दर उंगली की और निपल्स को टच करने लगा।
उन्होंने मेरी टी-शर्ट उतार दी और बनियान भी।

मैं बेड पर आ गया और बैठ गया।
वे मेरी गोद में आ कर जांघों पर सर रख कर लेट गईं।

मैंने उनकी ब्रा साइड की और निपल्स चूसने लगा।
उन्होंने अपनी ब्रा खोल दी।

मैं बारी बारी से उनके निप्पलों को चूसता गया और दबाता रहा।
चाची हल्की हल्की सिस्कार भर रही थीं- इस्शह … हह … आआ अहह।

मैंने कुछ मिनट तक उनके निपल्स चूसे तो वे बोलीं- अपनी बंदूक तो दिखाओ!
यह कहते हुए उन्होंने मेरी जीन्स को उतार दिया।
फिर अंडरवियर भी हटा दी और मुझे नंगा कर दिया।

अब चाची ने भी अपनी पैंटी उतार दी।

वह लंड देखते ही बोलीं- मस्त हथियार है … आज तो सच में मजा आ जाएगा!
मैं बोला- हां मस्त है.।

मैं बेड से नीचे उतर कर खड़ा हो गया।

वे बोलीं- क्या हुआ?
मैंने कहा- नीचे आओ।

यह कह कर मैंने उन्हें किस किया और उनके बाल खोल दिए, उन्हें नीचे बैठाया और लंड चूसने के लिए कहा।

वे नीचे बैठ गईं और लंड पकड़ लिया।

फिर चाची ने गहरी सांस भरी और लंड को चूमने लगीं।
मेरा 7 इंच का लंड उनके मुँह की चुदाई के लिए तैयार था।

उन्होंने मेरे लंड का टोपा चाटा, फिर थूक से गीला करके पूरा लंड मुँह में लेने लगीं।

चाची पूरी रंडी के जैसे लंड चूस रही थीं।
मेरी आहें निकल रही थीं- आअहह चाची मस्त लौड़ा चूसती हो आप!

उन्होंने करीब दस मिनट तक मेरा लंड चूसा और जब उसका पानी निकल गया, तब उन्होंने अपने मुँह में सारा पानी खा लिया।
फिर वे बाथरूम में चली गईं और अपना मुँह साफ करके आ गईं।

अब मैंने चाची को बेड पर ही लेटा दिया और उनकी टांगों को फैला दिया।

उन्होंने अपनी चुत क्लीन कर रखी थी।
मुझे क्लीन चुत बेहद पसंद हैं।

मैं अपना मुँह उनकी चुत के पास ले गया और अपनी जीभ की नोक से चुत को टच किया।
फिर अपनी पूरी जीभ को उनकी चुत के अन्दर डाल कर रस चाटने लगा।

चुत चाटते हुए ही मैंने उनकी चुत में अपनी एक उंगली भी घुसा दी।
मैं अब चाची की चुत में उंगली करते हुए चाटने लगा।

कुछ मिनट में उन्होंने अपना पानी मेरे मुँह पर छोड़ दिया।

फिर मैंने उनकी पैंटी से ही उनकी चुत को पौंछा और हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए।

कुछ मिनट तक चुत चाटने और लंड चुसवाने के बाद हम दोनों नॉर्मल पोजीशन में आ गए।
वे लेट गईं, मैं उनके ऊपर आ गया और किस करने लगा।

वे बोलीं- अब चोदो मुझे!
मैंने उनकी टांगें फैलाईं और अपना लंड चुत के पास ले जाकर सैट कर दिया।

अब मैं लंड पेलने से पहले चाची को किस करने लगा।
वे भी अपनी चुत में लंड की गर्मी का अहसास करती हुई मुझे चूमने लगीं।

कुछ पल किस करने के बाद मैंने अपना लंड उनकी रसीली चुत में सरका दिया।

लंड अन्दर घुसते ही उनके मुँह से हल्की सी आअहह की आवाज़ निकली।
वे कराहती हुई कहने लगीं- आह डॉक्टर साब, बड़ा कड़क लंड है तुम्हारा!

मैं कुछ नहीं बोला, बस चाची की चुत को चोदता रहा।

कुछ ही धक्कों के बाद चाची सिस्कार करने लगीं- उउम्म्म्म … आअहह … ईसस्शह … आअहह … बड़ा मस्त चोद रहे हो डियर!

फिर मैं भी बोला- हां चाची, मुझे भी आपकी गर्म चुत में लंड पेल कर बड़ा मजा आ रहा है। न जाने कब से आपकी चुत का मजा लेना चाह रहा था।

यह कह कर मैं सीधा हुआ और उनकी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख कर वापस तेज रफ्तार से चाची को चोदने लगा।

मेरे शॉट्स से चाची के बूब्स बहुत जोर जोर से हिल रहे थे और रंडी के मुँह से बड़ी ही तेज तेज मादक आवाजें निकल रही थीं और उन आवाजों को सुन सुन कर मेरा जोश बढ़ता जा रहा था।
चाची मुझे गाली देती हुई उकसाने लगीं- आह मादरचोद डॉक्टर साले … तू कहीं गोली खाकर तो नहीं आया है!

मैंने कहा- नहीं मेरी रंडी, साली तेरे छेद के चक्कर में तो कब से अपने लौड़े को रोक कर रखा था। रोज इसकी सांडे के तेल से मालिश करता था कि कब तुझे चोदने को मिलेगा … आह बहन की लौड़ी रांड साली ले लंड खा कुतिया … आज मेरी इच्छा पूरी कर दी तूने हरामन!

चाची भी बोलने लगीं- आअहह … चोद ना मादरचोद … आहह और ज़ोर से अन्दर बाहर कर न हरामीई …!
मैं और ज़ोर ज़ोर से शॉट लगाने लगा।

करीब दस मिनट तक चुदवाने के बाद चाची झड़ने लगीं।
उनका शरीर अकड़ने लगा।

मैं झुक कर उनके एक दूध को पकड़ कर चूसते हुए चाची के भोसड़े को चोदने लगा।

उनके सिस्कार और ज्यादा बढ़ गई थीं ‘आअहह आअहह … आहह …’
वह एक बार फिर से झड़ गईं।

अब मैंने अपना लंड बाहर निकाला और दोबारा से उनकी पैंटी से अपना लंड पौंछ कर वापस उनकी चुत में देने लगा।

वे बोलीं- रुको, मैं डॉगी बन जाती हूँ।

मैंने उनको डॉगी पोजीशन में आने दिया।

जैसे ही चाची कुतिया बनीं, मैं उनके पीछे आ गया और अपना लंड उनकी चुत पर सैट करके पेलने लगा।

वह लंड का मजा लेने लगीं और धीरे धीरे सिस्कार कर रही थीं ‘एम्म्म… म्‍म्म्मम … आअहह …’
मैं बीच बीच में उनकी गांड पर चपत लगा देता।

कुछ मिनट चोदने के बाद मैं उन्हें बेड के किनारे ले आया और चोदने लगा।

अब मेरा भी रस निकलने वाला था तो मैंने उनसे पूछा- आह … जल्द बताओ चाची माल किधर निकालूँ!
वे बोलीं- मेरी चुत में ही डाल दो।

मैंने पूछा- कोई दिक्कत हो गई तो?
वे बोलीं- मैं ऑपरेशन करवा चुकी हूँ, कुछ नहीं होगा।

यह सुनते ही मैं बेफिक्र हो गया और ज़ोर ज़ोर से चोदते हुए उनकी चुत में झड़ गया।
झड़ने के बाद मैं 2 मिनट तक उनके ऊपर ही पड़ा रहा।

फिर हम दोनों बाथरूम में गए।
वहां एक दूसरे को साफ किया और बेडरूम में आकर बातें करने लगे।

दस मिनट बाद हम दोनों ने सेकंड राउंड स्टार्ट किया और मैंने चाची को खूब चोदा।

आंटी के साथ चुदाई करके फिर मैं घर चला गया.

उस दिन हम दोनों ने अपना बर्थडे साथ में तो सेलिब्रेट नहीं किया था, पर सेलिब्रेशन तो हो ही गया था।
फिर रात में चाची का मैसेज आया- कैसा रहा बर्थडे गिफ्ट?

मैंने कहा- मस्त था … और आपको रिटर्न गिफ्ट कैसा लगा?
वे हो हो करके हंसने लगीं और बोलीं- अंब तक का बेस्ट गिफ्ट था।

उनसे कुछ देर बातें हुईं फिर मैं सो गया।

अगले दिन मैं चाची के घर फिर से गया तो वे बोलीं- रात में तेरे चाचा ने मुझको काफ़ी चोदा था … तो यार आज मन नहीं है।
फिर भी मैंने उन्हें एक बार पेला और घर आ गया।

ऐसे ही मैं अपनी छुट्टी में हर दूसरे तीसरे दिन उनके घर जाता और उन्हें चोदता।

फिर मेरी छुट्टियां खत्म हो गईं और मैं अपने कॉलेज आ गया।

अब हम दोनों की बातें वीडियो कॉल से भी होती रहती हैं।
लेकिन चाची की चुत नहीं मिलने पर मैं अपनी जीएफ को चोद कर अपना लंड शांत कर लेता था।

तो दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी चाची की चुदाई की थी।
प्लीज़ मुझे कमेंट करके बताएं कि आपको कैसी लगी।

 

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