दोस्तो! मेरा नाम देवांशु (बदला हुआ) है।
मैं उत्तर प्रदेश के ललितपुर का रहने वाला हूं।
घर में मां, पापा और भाई हैं और अभी मैं अपनी वाइफ के साथ इंदौर में रहता हूं।
ज्यादा बोर न करते हुए सीधे कजिन सेक्स स्टोरी पर आता हूं।
बात कुछ साल पहले की है, मेरी उम्र 19 साल थी और मैं नया-नया जवान हुआ था।
गर्मियों में मैं मामा के यहाँ गया था।
मेरे मामा की बेटी कुछ खास सुंदर नहीं है लेकिन उसका फिगर बहुत मस्त है।
उसे देख के पूरे मोहल्ले के लंड टाइट हो जाते थे।
तब उसकी चूचियां निकलती आ रही थीं।
हम दोनों एक ही बेड पे, एक ही कमरे में सोते थे।
हमारे बीच बहुत अच्छी दोस्ती और बॉन्डिंग थी।
उस रात मेरी नींद खुली तो देखा कि उसकी शर्ट पेट के ऊपर थी और उसने इनरवियर नहीं पहनी थी।
मेरा लंड खड़ा हो गया.
तो मैंने उसे किस किया, पेट पर हाथ घुमाया और दूध मसलने चालू कर दिए।
उसकी नींद खुल गई और वह बोली, “बहन हूं आपकी, ये गलत है!”
मैंने उसे सॉरी बोला और हमारे बीच सब नॉर्मल किया।
लेकिन मुझे उससे प्यार हो गया था और मैं उसे चोदने के लिए प्लान बनाने लगा क्योंकि वह सेक्स को गलत समझती थी।
कुछ महीने बाद वह मेरे घर रहने आई और अब उसके दूध मस्त 34 के हो गए थे।
जब मैंने उसको देखा तो अपना लंड पकड़ लिया और उसने यह नोटिस कर लिया।
रात के खाने के बाद हम दोनों साथ सो गए।
मैंने जानबूझकर पतला लोअर पहना था और अंडरवियर नहीं पहनी थी।
उसके सोने के बाद मैं उसको किस करने लगा और कमर में हाथ डाल के गले लगा लिया।
उसे मज़ा आने लगा और उसने किसिंग में मेरा साथ दिया।
मैंने उसकी शर्ट का बटन खोल के दूध पर किस किया और चुत पर उंगली फेरी।
यह उसको पसंद नहीं आया।
सुबह जब वह उठी तो रोने लगी- तुम हर बार ऐसा करते हो।
मैंने उससे माफी मांगी और सब नॉर्मल किया।
लेकिन उसके जिस्म को मेरे हाथ का टच अच्छा लगा था और वह रोज़ वॉशरूम में उंगली करने लगी।
तीन महीने बाद मैं मामा के यहाँ गया क्योंकि उसके एग्जाम थे और मामा का सारा परिवार वैष्णो देवी जा रहा था।
मुझे यह अच्छा मौका लगा कि साक्षी अगर नहीं मानी तो जबरदस्ती पेल दूंगा।
लेकिन उसका उल्टा हुआ।
एग्जाम दूसरे शहर में हो रहे थे और मैं उसको लेकर गया।
एग्जाम के बाद वह मुझे एक होटल में ले गई, खाना खिलाने के बहाने और उधर उसने सारा सेटअप कर रखा था।
उसने मुझे प्रपोज किया तो पहले तो मैंने मना कर दिया।
वह रोते हुए बोली, “मैं आपके बिना नहीं रह सकती!”
उसने मेरे पैर पकड़ लिए तो मैंने उसे एक्सेप्ट कर लिया।
शाम को घर आए तो उसकी आँखों में मैंने हवस देखी।
घर आते ही उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और किस करने लगी।
मैं भी उसके दूध दबाने लगा।
उसे दर्द होने लगा।
वह कहने लगी, “उफ़्फ़्… आह्ह्ह्ह्… जान प्लीज! बहुत सारा प्यार दो मुझे!”
उसने मेरा लंड निकाल लिया।
मेरा लंड देख के वह डर गई और बोली, “मैं नहीं ले पाऊंगी! बहुत बड़ा और मोटा है, बाहर से ही कर लो!”
मैंने ‘हाँ’ में जवाब दिया और चुत चाटने लगा।
वह तड़पने लगी।
वह चिल्लाई, “उफ़्फ़्… आह्ह्ह्ह्… आह्ह्ह्ह्… जान बहुत सारा प्यार दो मुझे! अपना बना लो!”
वह अपने दूध दबवाने लगी। फिर मैंने लंड को चुत पर रखकर दाने को 10 मिनट रगड़ा।
उससे रहा नहीं गया, उसने बोला, “जान डाल दो अंदर! मुझे अपना बना लो! चोद अपनी प्यारी फूल जैसी बहन को, बजा डालो! मां-चोद, बहन-चोद अपनी!”
मैंने भी देर ना करते हुए लंड पेल दिया।
2 इंच जाने पर ही उसकी चुत फट गई और वह चिल्ला कर रोने लगी।
मैंने होठों से उसका मुँह बंद कर एक और झटका मारा और पूरा लंबा लंड उसकी चुत को चीरता-फाड़ता हुआ घुस गया।
उसके मुँह से आवाज़ आई, “मम्मी मर गई!”
और वह बेहोश हो गई।
मैं समझ गया और धीरे-धीरे चोदता रहा।
10 मिनट बाद साक्षी को होश आया, तब तक दर्द कम हो चुका था और चुत में लंड रनिंग कर रहा था।
वह बोली, “उफ़्फ़्… आह्ह्ह्ह … जान चोदो! और ज़ोर से फाड़ दो! अपनी रंडी बना, बहन के लंड!”
उसको इतना मज़ा आया कि वह मेरे लंड पर बैठकर खुद चोदने लगी।
मैंने भी कहा, “मादरचोद रंडी! मैं तो तुझे पहले से चोदना चाहता था! ले रंडी, तेरी गांड फटती थी, जैसे तेरी इज़्ज़त तेरी चुत में ही हो!”
लगभग 30 मिनट तक साक्षी की चुत बजाई।
वह बोली, “जान उस वक्त मैं छोटी थी, मुझे सेक्स के बारे में कुछ नहीं मालूम था! लेकिन अब मैं तुम्हारी वाइफ हूं, जितना चोदना है चोद लो, फाड़ दो चुत को, मैं कुछ नहीं बोलूंगी!”
मैंने बोला, “बोलेगी कैसे? मैं मुँह में अपना बड़ा लंड फंसा दूंगा!”
हम एक साथ झड़ गए और एक-दूसरे से लिपट के सो गए।
उसने लंड को मुँह में लिया और चूसने लगी।
वह बोली, “वाह! क्या मस्त आइसक्रीम है जान!”
20 मिनट चूसने के बाद लंड फिर खड़ा हो गया तो उसने अपनी चुत फैला दी।
मैं बोला- तेरी चुत तो भोसड़ा बन गई है, तेरी गांड कसी हुई है।
वह डर गई, बोली, “बहुत दर्द होता है! प्लीज चुत में ही डालो जान!”
मैंने उसको उल्टा किया और गांड पे 4 थप्पड़ मारे तो वह लाल हो गई।
थूक लगाकर जो पेला तो आधा लंड घुस गया।
वह चिल्लाने लगी और हिलने-डुलने लगी।
मैं उसकी गांड पर चढ़ गया और उसके पैर पीछे सिर पर रखकर बजाने लगा।
उसकी गांड से खून आ रहा था, वह बहुत चिल्लाई।
वह बोली, “प्लीज छोड़ दो मुझे!”
लेकिन 15 मिनट बाद वह अपनी गांड उचकाने लगी और पूरा लंड गांड में लेने लगी।
मैं झड़ने वाला था तो चुत में लंड पेल दिया और पूरा रस चुत में भर दिया।
उस दिन मैंने 4 बार उसकी चुत और गांड को पेला।
वह मेरे लंड की दीवानी हो गई।
उस दिन उससे चला भी नहीं जा रहा था, गांड और चुत में सूजन हो गई थी।
वह बोली, “अगर पहले चोदते तो मैं मर ही जाती!”
जब तक मामा जी वापस नहीं आ गए, हम दोनों नंगे ही सोते थे।
फिर मैं घर आ गया।
उसके बाद मेरी गवर्नमेंट जॉब लग गई और मैं इंदौर आ गया।
1 महीने बाद साक्षी ने बताया कि वह प्रेग्नेंट हो गई है।
मैंने उसको दवाई लेने की सलाह दी पर वह नहीं मानी।
फिर हम दोनों ने भाग कर शादी कर ली।