हेलो दोस्तों, मेरा नाम दीपक है, मेरी उम्र 33 है, में शादीशुदा हु, मेरी शादी को 5 साल हो चुके है, मेरी प्यारी सी बीवी है जिसका नाम जानवी है जो मुझे जान से भी ज्यादा प्यारी है।
वो बहुत ही खूबसूरत है, उसकी उम्र 30 साल है वो मेरी खुशियों का ख्याल रखती है और मै उसकी खुशियों का, हम लोग आज भी चुदाई का पहले की तरह मजा लेते है क्यू की दोस्तों एक अच्छी शादीशुदा जिंदगी के लिए सेक्स भी जरूरी है।
मै एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हु तो आजकल मेरे ऊपर काम की जिम्मेदारी कुछ ज्यादा ही भड़ गयी है क्यू की मै मेरी कंपनी का पुराना एम्प्लोये हु, कभी कभी तो मुझे बहोत ज्यादा तनाव हो जाता है और इस तनाव से राहत तो मुझे मेरी बीवी की चुदाई करके ही मिलती है।
एक दिन उसने मुझसे कहा सुनिए आप रोज ऑफिस चले जाते हैं और मैं घर में बोर हो जाती हूँ और घर का काम करने के बाद मेरे पास भी फ्री टाइम होता हैं तो सोच रही हूँ क्यों न मैं भी कुछ वर्क कर लूँ ताकि मैं भी आपको सपोर्ट कर सकूँ और एक्स्ट्रा कमाई भी हो जायगी आखिर मैंने भी तो ऍम.कॉम किया हैं उसका कुछ तो मुझे बेनिफिट होना चाहिए न, उसकी बात सुनकर मैंने कहा तुम तो मेरे दिल की रानी हो जान्हवी मैं तुम्हारे खयालो का सम्मान करता हूँ तुम घर का काम भी करोगी और बाहर का भी मैं नहीं चाहता की तुम्हे कोई परेशानी उठानी पड़े आखिर मैं तो जॉब कर ही रहा हूँ।
लेकिन वो तो जिद पकड़कर बैठ ही गई की उसे भी अब जॉब करनी हैं मैंने उसकी बात सुनकर कहा ठीक हैं अगर मेरे ऑफिस मैं कोई वेकन्सी हैं तो आज ही सर से बात करता हूँ यह सुनकर वो खुश हो गई और मेरे गले लग गई और मैं उसके माथे पर प्यार से किस करने के बाद टिफिन लेकर ऑफिस के लिए निकल गया
काम से फ्री होने के बाद सर ने मुझसे कहा की दीपक हमारे ऑफिस में एक फीमेल रेसप्शनिष्ट की जरूरत हैं तुम मेरे पुराने एम्प्लोये हो वैसे तो मैंने न्यूज़ पेपर में भी जॉब की वेकन्सी का ऐड दिया हैं लेकिन अगर तुम्हारी जान पहचान में कोई लड़की हो तो बताना पहले में उसको ही प्राथमिकता दूंगा
मैंने बॉस से कहा ठीक हैं सर मैं देखता हूँ और यह कहकर अपना बेग उठाकर घर चल दिया और घर पहुंचा तो जाह्नवी मेरा इंतज़ार कर रही थी फ्रेश होकर मैंने खाना खाया और हम सोने चले गए आज जाह्नवी ने गुलाबी रंग का गाउन पहना था जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी तो आज मेरा बहुत मन हो रहा था उसको चोदने का तो मैंने अपनी जान को बाहों में भरा और उसकी 36 की चूचियां को धीरे धीरे दबाना शुरू किया
लेकिन उसे ओर दिन की तरह कुछ खास मजा नहीं आ रहा था, मुझे पता चल गया था की सुबह की बात अब तक भी उसके दिमाग में चल रही थी,
तभी मेने कहा – डार्लिंग, मेरी तरह देखो, मुझे तुम्हे कुछ बताना है, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया और वो बिस्तर पर लेट गयी, मेने कहा ज्यादा परेशान ना हो में तुम्हे एक गुड न्यूज़ सुनना चाहता हु तुम जो सुबह मुज से जॉब करने के लिए कह रही थी उसी के बारे में तुमसे बात करनी है, मेरी ये बात सुनका वो बेठ गयी और मेरे कंधे पर हाथ रखते हुए बोली, क्या बताएं है आपको जल्दी बताइये मुझे नींद आ रही है
फिर मेने कहा मेरी बात सुनोगी तो तुम्हे खुसी से नींद नहीं आएगी, फिर मेने कहा आज मेरी सर से बात हुई थी तो हमारे ऑफिस में एक रेसप्शनिस्ट की पोस्ट की वैकेंसी है, तुम चाहो तो मेरे ऑफिस में जॉब कर सकती हो
मेरी ये बात सुनते ही वो खुसी से मेरे गले लग गयी और मेरे गलो पर किश करने गली और हम दोनों ने हमारे चुदाई का प्रोग्राम शुरू कर दिया था और जमकर चुदाई करने के बाद सो गए.
अगले दिन जैसे ही में ऑफिस के लिए निकला तो जानवी ने कहा की आप सर से पूछियेगा की इंटरव्यू कब होगा तो में उस हिसाब से इंटरव्यू की तैयारी कर सकती हु।
मेने कहा ठीक है में सर से बात करके तुम्हे फ़ोन पर बता दूंगा, फिर में अपने ऑफिस के लिए रवाना हो गया, ऑफिस पहोचकर लंच करने के बाद सर ने मुझे किसी काम के लिए केबिन में बुलाया तो मेने रेसेप्निस्ट की पोस्ट के लिए अपनी बीवी का जिक्र किया तो सर कहने लगे की वाओ दीपक तुम बहोत अच्छे एम्प्लोये होने के साथ एक बहोत अच्छे हस्बैंड भी हो जो अपनी बीवी को ख्वाहिशो का ख्याल रखता है, वैरी गुड, अब मेने सर से इंटरव्यू की बात कर ली थी और टाइमिंग भी कन्फर्म कर लिया था
सर से बात करने के बाद में केबिन से बाहर आया और अपनी बीवी की फ़ोन लगाया और कहा की कल सुबह 11 बजे तुम्हारा इंटरव्यू होगा, तो तुम आज ही कुछ तैयारी कर लेना, उसने ठीक है कहकर फ़ोन रख दिया।
इंटरव्यू वाले दिन मेरी बीवी ने आज जल्दी ही अपना घर का सारा काम निपटा लिया था और तैयार होने लगी तो आज उसने गुलाबी रंग की साडी पहनी थी जो उसके लिए लकी थीं, वो आज बहोत ज्यादा खूबसूरत लग रही थी, नाश्ता करने के बाद 10:30 बजे ही हम दोनों ऑफिस के लिए रवाना हॉग ये क्यू की आज सुबह 11 बजे उसका इंटरव्यू जो होना था।
अब हम दोनों ऑफिस पहोच गए थे, उस समय 11 बजने में 5 मिनट थे मेने बॉस से बात करके अपने काम में लग गया और मेरी बीवी केबिन के बाहर सोफे पर बेठी थी।
1-2 मिनट बाद बॉस ने मेरी बीवी को इंटरव्यू के लिए अपने केबिन में बुलाया और वो अपने हाथों में फाइल लेकर अंदर चली गयी
उस समय में सोचने लगा की पता नहीं मेरी बीवी इंटरव्यू में सेलेक्ट हो भी पाएगी या नहीं, और फिर एक बार ख्याल आया की मेरी बीवी बहोत इंटेलीजेंट है इंटरव्यू तो पास कर ही लेगी, अंदर बीवी का इंटरव्यू चल रहा था और मेरे मन के अंदर घबराहट होने लगी करीब आधे घंटे के बाद जानवी बहार आयी और उसने कहा तुम्हारी महन्त सफल हो गयी मुझे इंटरव्यू में सेलेक्ट कर लिया गया है।
ये सुनते ही मेरे मन से सारी घबराहट दूर हो गयी और मुझे बहोत खुसी हुई, मेने घर के लिए कैब बुक करवा दी और वो घर के लिए रवाना हो गयी।
अब में सोचने लगा चलो अच्छा है जानवी भी मेरे साथ इसी ऑफिस में काम करेगी, उसे भी घर पर बोर होना नहीं पड़ेगा और एक्सपीरियंस भी हो जायगा।
आज मेरी बीवी का ऑफिस में पहला दिन था और वो दिखने में आज कुछ अलग ही लग रही थी, रोज की तरह उसने साड़ी नहीं बल्कि वाइट शर्ट और ब्लैक स्कर्ट पहनी थी और यही उसकी ऑफिस ड्रेस थी, अब मुझे पता नहीं चल रहा था की उसे जानवी बोलू या जानवी मैडम।
अब रोज, हम दोनों पति पत्नी साथ ऑफिस जाने लगे, यू ही दिन बीतते रहे, और पता ही नहीं चला दोस्तों कब मेरी बीवी को मेरे ऑफिस में काम करते करते 3 महीने हो चुके थे, वो बहोत अच्छा काम कर रही थी यह बात उसकी तारीफ में मुझे सर ने कही की तुम्हारी बीवी तो हर तरह से बहोत परफेक्ट है।
मेने जवाब में कहा – थैंक यू सर, ये सुनकर मुझे बहोत खुशी हुई की जानवी अपने काम में बहोत माहिर है।
मै और जानवी हम दोनों साथ साथ 1 बजे लंच करते थे, लेकिन कुछ दिनों से उसके लंच का टाइम बदल गया था सायद उसके पास काम कुछ ज्यादा था तू मुझसे कहती आप लंच कर लीजिये मै बाद में कर लुंगी
लेकिन में भी कुछ नहीं कर सकता था क्यू की मेरे पास भी इतना समय नहीं होता था की उसके साथ बाद में लंच कर सकू.
कुछ दिन से आजकल मुझे ऐसा लगना लगा था की रातो को भी वो चुदाई करते समय मेरे साथ चुदाई करने में दिलचस्पी नहीं ले रही थी, कभी कहती की आज मूड नहीं तो कभी कहती आज तबियत ठीक नहीं है।
जानवी का व्यवहार मेरे साथ पहले से कुछ अलग लगने लगा था उसका रिसेप्शन काउंटर बिलकुल सर के केबिन के सामने ही था, तो कभी सर उसके पास आ जाते थे और कभी वो सर के केबिन में घंटो तक वक़्त बिताने लगी थी
दोस्तों आप ये सोच रहे होंगे न की ये चीज मुझे कैसे मालूम हुई तो आपको आगे बताता हु जब में वाशरूम के लिए जाता था तो रेसप्शन पर जानवी मौजूद नहीं रहती थी और सर का केबिन का गेट भी अक्सर अंदर से बंद ही रहता था क्यू की जब किसी काम से मुझे सर से बात करनी होती तो गेट जल्दी से नहीं खुलता था।
मुझे ऐसा लगने लगा था की दोस्तों वो अपने काम से और मुझसे प्यार ना करके किसी और से ही प्यार करने लगी है।
जब वो ऑफिस से घर आती थी तो दोस्तों उसकी शर्ट के ऊपर के दो बटन अक्सर खुले रहते थे और क्लीवेज आराम से दिखने लगा था यह बात मेने कैब में बैठे बैठे नोटिस कर ली थी।
अब मुझे भी कुछ गड़बड़ लगने लगी थी क्यू की पहले तो वो मुझसे अच्छे से चुदाई करवा लिया करती थी लेकिन अब वो चुदाई करवाने में नखरे दिखाया करती थी।
संडे के दिन हमारे ऑफिस की छुट्टी होती है लेकिन आज जानवी सुबह ही तैयार होकर ऑफिस की ड्रेस पहनकर बेग लेकर जाने लगी, मेने हैरानी से पूछा आज ऑफिस? आज तो संडे है ना?
तो वो कहने लगी की सॉरी वो आप कल जल्दी सो गए थे इसलिए में आपको बता नहीं पायी की ऑफिस में मुझे कुछ डॉक्यूमेंट तैयार करने है, क्यू की वो कल ही सबमिट होने है।
इसलिए एक दो घंटे के लिए मुझे ऑफिस जाना पड़ेगा, डोंट वैरी में जल्दी ही वापस आ जाउंगी।
मेने उसे रोकना चाहा लेकिन में आज सचाई जानना चाहता था तो इस लिए मेने उसे जाने दिया और उसके जाने के करीब 30 मिनट बाद उसका पीछा करते हुए में भी ऑफिस पहोच गया, ऑफिस पहोचते ही मेने देखा रोज की तरह जानवी रिसेप्शन पर मौजूद नहीं थी और पूरा ऑफिस खली था।
और बॉस के केबिन के बहार से कुछ आवाज आ रही थी तो मुझे कुछ सही नहीं लगा रहा था और बॉस के केबिन का पर्दा थोड़ा सा हटा हुआ था, मुझे पीछे से जानवी बेठी हुई नजर आ रही थी और उसके सामने मेरा बॉस बैठा हुआ था जो साला मेरी बीवी की चूचियाँ चूसने में लगा हुआ था और बिच बिच में मेरी बीवी की चुत में भी उँगलियाँ कर रहा था मेरी बीवी की चूचिया को वो मसल भी रहा था जो ब्लैक कलर की ब्रा में से आधी बाहर निकली हुई थी।
अच्छा में अब समझा की माजरा क्या है, बीवी यह डॉक्यूमेंट तैयार करने नहीं बल्कि चुदाई करने आयी है।
जैसे ही बॉस ने मेरी बीवी की चूचियों को चूसा तो उसके निप्पल टाइट हो गए थे जिसे देख कर मेरा लंड भी टाइट हो चूका था और बिच बिच में मेरी बीवी अपने चूचियों को हिला हिला कर हम दोनों को जोस दिला रही थी.
अंदर बॉस ने पेंट खोलकर अपने लंड को बहार निकल लिया था और बहार मे अपने लंड को पेंट खोलकर हिलने लगा और अदंर अब पीछे से मेरी चुदअकड़ बीवी अपनी गांड हिलाकर बॉस के लण्ड को चूसे की तैयारी करने लगी।
और अब बॉस भी खड़े होकर अपने 7 इंच के लोडे को मेरी बीवी को अपनी रंडी बनाकर मजे से लंड चुसवा रहा था और मेरी बीवी को भी बहोत मजा आ रहा था बॉस का लुंड चूसने में, वो इतने मजे से चूस रही थी की क्या बताऊ दोस्तों गले के अंदर तक लंड को खूब देर तक लेती रही क्यू की आजतक मेने अपने 6 इंच के लोडे को अपनी बीवी से नहीं चुसवाया था केवल उसकी चुत ही चोदी थी।
अब मुझे अपनी बीवी को बॉस से चुदते हुए देख कर और भी ज्यादा मजा आने लगा, तो मेने देखा की बीवी ने शर्ट उतर दिया था और अपनी पेंटी भी खोकर निचे से नंगी हो गयी और टंगे उठाकर बॉस को अपनी चुत दिखने लगी।
अभी ब्रा को पूरा नहीं हटाया था फिर भी उसकी 36 के बड़े बड़े चुचे साफ नजर आ रहे थे और उसपर बने हुए गोल गोल भूरे निप्पल्स को अपने हाथो से सहलाने का मजा मादरचोद बॉस ले रहा था जिसको हाथों से मसलने में मुझे बहोत मजा आता है।
देखते ही देखते दोस्तों बीवी ने अपनी एक टांग उठायी और साले भोस्डिके बॉस ने मेरी बीवी की मुलायम चुत का भोसड़ा बनाने में देर नहीं करि और जोर से लंड पेल दिया।
मेरी बीवी की मादक सिसकिया बहार तक सुनाई दे रही थी जिसको सुनकर अपने लंड को जोर जोर से हिलने लगा।
मेरी बीवी ने ब्रा उतर दी थी और बॉस बेड पर लेटा हुआ था और जानवी बॉस के लोडे को जमकर चूसने में लग रही थी कभी ऊपर से निचे चाटती तो कभी चुस्ती,
अब लन्ड चुस्ती चुस्ती कब बॉस के लोडे पर बेठ गयी पता ही नहीं चला, कब बहन की लोड़ी ने उछल उछल कर अपनी चुत में बॉस का लोडा घुसा लिया, और अब रंडी बनकर चुदने लगी।
दोस्तों बॉस का लंड अपनी चुत में घुसवाने के बाद मेरी तो आँखे ही फट गयी जब मेने देखा की मेरी चुदअकड़ बीवी अब टेबल के सहारे खड़ी होकर घोड़ी बन गयी और पीछे से साला बॉस नहीं बल्कि मेरा चोदू बॉस मेरी बीवी की गांड मारने में लगा हुआ था और वो भी बड़े मजे से एक टांग को टेबल पर उठाये बॉस से अपनी गांड का छेद खुलवा रही थी।
साली उसने कभी आज तक मेरे लण्ड से तो अपनी गांड का छेद नहीं खुलवाया था, क्यू की जब में उसकी गांड मरने की बात करता तो मुझसे कहती की मेरी गांड मत मारो मुझे दर्द होता है।
अब देखो बॉस का लण्ड अपनी गांड में बिना दर्द के बड़े मजे से घुसवा रही है साली रंडी कहि की, यह देख मुझे बहोत गुस्सा आने लगा था, लेकिन में कर भी क्या सकता था मेरी बीवी की बेवफाई और बॉस से चुदाई का जो सीन चल रहा था वो इतना सेक्सी था, की मन तो कर रहा था की देखता ही रहु और साथ ही अपने लोडे को भी हिलता रहु, मेरी चुदअकड़ बीवी अपने चूतड़ों को ऐसे हिला रही थी देख कर मन कर रहा था की अंदर जाऊ और बॉस के लोडे को निकलकर अपना लोड उसकी गांड में पेल दू।
अब बॉस से गांड मरवाने के बाद मेरी बीवी कुर्सी पर बेठ गयी और बॉस मेरी बीवी की चूचियों की दरारों में लन्ड रगड़ने लगा।
अब दोनों को चुदाई का नशा चढ़ गया था और अब मेरी बीबी भी फिर से बॉस के लंड पर चढ़ गयी और खुदने लगी अब मेरे बीवी की गांड बोस के तरफ थी और चूचियाँ और चुत मेरी तरफ, और चुदाई करते करते बॉस ने अपना लण्ड का रस मेरी बीवी की चूचियों पर ही झाड़ दिया और मेरी बीवी ने मेरे बॉस के लण्ड के रस को जीभ से चाट कर साफ़ कर दिया और बाहर मैंने भी उन दोनों की चुदाई देखकर मूठ मार ली थी
तो दोस्तों यह थी मेरी की बेवफाई और बॉस के साथ चुदाई की कहानी यह कहानी आपको कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बताना