हाय फ्रेंड्स कैसे हो आप सभी लोग?
मैं आशा करती हूँ की आप सभी लोग ठीक ही होगे।
मैं आज आप लोगो के सामने अपनी एक कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ, मैं अपनी कहानी शुरू करने से पहले आप लोगो को अपने बारे में बता देती हूँ।
मेरा नाम शीतल है, मेरी उम्र 18 साल है, मैं रहने वाली अमृतसर की हूँ, मेरे घर में मेरी मम्मी और मैं रहती हूँ।
क्यूंकि मेरे पापा काम की वजह से बाहर रहते हैं, मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर भी सेक्सी हैं।
मेरी बूब्स काफी बड़े और गोल है और मेरी गांड भी मस्त चौड़ी है।
फ्रेंड्स मैं आज आप लोगो को बताने जा रही हूँ की कैसे मेरी माँ ने मेरे साथ सेक्स किया। मैं उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और कहानी को पढने में मज़ा भी आयेगा, मैं आप अभी का ज्यादा समय न लेती हुई सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ।
ये कहानी अभी कुछ दिन पहले की हैं, मेरी मम्मी का नाम अनीता हैं और वो दिखने में गोरी हैं। उनका चेहरा हल्का गोल है, में अपनी मम्मी के साथ घर में अकेली रहती हूँ, इसलिए मेरी मम्मी कभी कभी सेक्सी मूवी भी देखा करती हैं।
मेरी मम्मी को चुदाई करना बहुत पसंद हैं और वो चुदाई कराने में एक्सपर्ट हैं, उनको पता हैं की कैसे आदमी को खुश किया जाता हैं।
मैंने कई बार मम्मी को पापा से चुदते देखा है जब पापा मम्मी को चोदते हैं तब मम्मी पापा के लंड को मुंह में भी रख कर चूसती हैं।
एक दिन मैं और मम्मी घर पर बोर हो रहे थे तो मम्मी ने कहा चलो घूम के आते हैं। तब मैं मम्मी के साथ घुमने चली गयी और मैं मेरी मम्मी घूम ही रही थी की रास्ते में कोई आदमी मिला, मैं उस आदमी को नही जानती हूँ पर मेरी मम्मी उस आदमी को जानती हैं, इसलिए वो आदमी मम्मी को और मुझे एक रेस्टोरेन्ट में ले गया।
फिर उसने कुछ खाने के लिए मंगाया और मैं खाना खाने लगी, मैं खाना खा ही रही थी की मुझे उसका हाथ मम्मी की जांघों पर दिखा तो मैं समझ गयी की ये मम्मी का बॉयफ्रेंड होगा।
फिर मैं खाना खाती रही और मेरी मम्मी के साथ वो अन्दर चला गया और फिर 5 मिनट बाद मम्मी आई तो मैं ये सोच सोच के मेरी चूत में खुजली होने लगी की अन्दर क्या हुआ होगा।
फिर मम्मी वहां से 5 मिनट बाद आई तो मैंने पूछा ये कौन हैं, तब मम्मी ने कहा मेरा बहुत पुराना दोस्त है मेरे कॉलेज के टाइम का और फिर मैं और मम्मी बात करती हुई घर चली आई।
तब मम्मी बाथरूम में गयी और नहाने लगी वो कुछ देर बाद नहा कर आई, फिर मैं भी फ्रेश होकर आई और फिर मैंने रेड कलर की टी शर्ट पहनी और रेड ही कलर की लिपस्टिक लगाई थी।
फिर मैं और मम्मी सोफे पे बैठ कर टीवी देखने लगी, मैं कुछ देर तक मम्मी के साथ टीवी देखती रही और फिर मुझे नीद आ गयी तो मैं जाकर अपने रूम में लेट गयी।
फिर कुछ देर बाद मम्मी भी मेरे ही रूम में आई और मेरे पास लेट गयी। तब मैंने मम्मी से पूछा क्या हुवा अपने बेडरूम में नही गयी? तो वो बोली कुछ नही और यह बोलकर मेरे पास ही लेट गयी। फिर वो मेरी टी शार्ट के अन्दर हाथ डाल कर मेरे पेट को सहलाती हुई धीरे से मेरे बूब्स पर हाथ ले गयी और मेरे निप्पल को ऊँगली से मसलने लगी।
तब मैं कुछ देर तक तो कुछ नही बोली क्यूंकि मुझे अच्छा लग रहा था और कुछ देर बाद मम्मी ने मेरे होठो पर अपनी होठो को रख कर मेरी होठो को चूसने लगी और साथ मेरे गोल स्तन को भी मसल रही थी।
उन्होंने मेरे होठो की सारी लिपस्टिक को चूस लिया जिससे मैं कुछ ही देर में गर्म हो गयी और सेक्स करने में माँ का साथ देने लगी, मैं भी उनकी होठो को अपनी होठो से दबा दबा कर चूसने लगी।
वो भी मेरे होठो को जोर जोर से चूस रही थी, वो ऐसे ही मेरी होठो को 5 मिनट तक चूसती रही और फिर मम्मी ने मेरी टी शार्ट निकाल दी।
फिर वो मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी, तो मेरे मुंह से सी सी सी सी……. आ आ आ आ अ…… ऊ ऊ ऊ उ….. की सिसिकियाँ निकल गयी। वो मेरे निप्पल को अपनी होठो से दबा दबा कर खीच कर चूस रही थी और दुसरे दूध को अपने हाथ में पकड़ कर दबा रही थी। मेरे गोल और चिकने बूब्स को वो अपने हाथो से पकड पकड़ कर मसल रही थी।
फिर मम्मी ने अपने कपडे निकलने लगी और 1 ही मिनट में वो ब्रा और पेंटी में आ गयी। उनके दोनों दूध ब्रा के अन्दर से साफ दिख रहे थे और उनके बूब्स मेरे बूब्स से बहुत बड़े थे।
उनके बड़ी काले निप्पल ब्रा के ऊपर उठे हुए थे और लग रहा था की अब ये ब्रा को फाड़ कर बाहर निकल आयेगे, फिर मैं उनके स्तन को ब्रा के ऊपर से ही दबाती हुई अपने मुंह में रख कर चूसने लगी।
मैं उनके बूब्स के निप्पल को मुंह में दांतों से दबा कर खीच खीच कर चूसने लगी और तब मम्मी ने ब्रा की हुक खोल दी, मम्मी ने जैसे ही ब्रा की हुक खोली वेसे ही मम्मी के चूचियाँ नीचे लटक गयी, उसके दूध बहुत ही ढीले थे और मैं उनके दूध को मुंह में रख कर चूसने लगी।
मैं उनके निप्पल को अपनी होठो से खीच खीच कर चूसने लगी तो मम्मी के मुंह से गर्म सांसे लेती हुई ऊ ऊ ऊ… आह्ह्ह अह्ह्ह उई उई उई सी सी सी….. हाँ हाँ हाँ हाँ……. की सिसिकियाँ लेने लगी जिससे मुझमे और आग भड़क गयी और मैं उनकी बूब्स को मुंह से चूसती हुई उनकी चूत को भी सहलाने लगी।
मैं उनकी चूत को कुछ देर तक ऐसे ही सहलाती रही, फिर मम्मी ने अपनी टांगो को फैला दिया और मैं उनकी चूत में मुंह को घुसा कर चाटने लगी।
मैं उनकी चूत की पंखुडियां को अपनी होठो से पकड पकड़ कर खीचने लगी तो उनके मुंह से ई ई ई ई……. ओह्ह ओह्ह….. उई उई उई उई….. सी सी सी सी…… उह्ह उह्ह उह्ह… की सिसिकियाँ लेने लगी।
मेने उनकी चूत में अपनी जीभ को भी घुसा दिया और उनकी चूत की पंखुडियां को अपनी उँगलियों से फैला कर उनकी चूत में जीभ को घुसा कर चाटने लगी, मैं उनकी चूत में ऐसे ही जीभ से चाटने के साथ में उनकी चूत में ऊँगली को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगी।
तब मम्मी मदहोश करने वाली आवाजे करने लगी और मैं सेक्स के नसे में उनकी चूत को जोर जोर से चाट रही थी, वो अपने दूध के निप्पल को अपने मुंह में रख कर चूसने लगी। मैं उनकी चूत में जोर जोर से ऊँगली को अन्दर बाहर करती हुई चाटने लगी।
तब वो ह्ह्ह ह्ह्ह ऊ ऊ ऊ उ,…… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआअ…….. करती हुई अपनी चूत को आगे पीछे करने लगी और साथ में अपनी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगी।
मैं भी उनकी चूत में जोर जोर से चाट रही थी और वो बहुत ही जल्दी बेड से उठ कर मेरे मुंह पर अपनी चूत के मुंह को टीका दिया। फिर अपनी चूत जोर जोर से अपने हाथ से हिलाने लगी और कुछ ही देर में उनकी चूत से गर्म पानी की धार निकल पड़ी। मैं पानी सब पी गयी उस पानी का नमकीन सा स्वाद था।
फिर वो मुझे बेड पर लेटा कर मेरे ऊपर लेट गयी और मेरे बूब्स के निप्पल को पकड कर मुंह में रख कर जोर जोर से खिचती हुई मेरे गोल चिकने दूधो को चुसने लगी तो मेरे मुंह से ऊ ऊ ऊ उ,…… सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ…. आआआ…… की सिसिकियाँ निकल गई।
फिर वो मेरी चूत में अपने मुंह को घुसा कर मेरी चूत में अपनी जीभ को घुसा का अन्दर बाहर करने लगी तो मैं ऊ ऊ.. सी सी सी…. उई उई उई…. हाँ हाँ हाँ… आआआआआ… करती हुई अपने बूब्स को मसलने लगी।
वो मेरी चूत के दोनों पंखुड़ियों को फैला कर जोर जोर से अपनी जीभ को अन्दर बाहर करने लगी साथ में मेरी चूत को अपनी होठो से पकड़ पकड़ कर खीचने लगी तो मेरे जिस्म में आग सी लग गयी और मैं तदपने लगी।
तब मम्मी ने मेरी चूत में अपनी उँगलियों को डाल कर जोर जोर से मेरी चूत में हिलाने लगी तो मैं ऊऊऊउ… सीसीसी…. उईउईउई…. हाँ हाँ हाँ…. आआअ.. करती हुई अपने दूध के निप्पल को मसलती हुई चूत को चुसाने लगी।
अब मुझसे रहा नही जा रहा था तो मैं मम्मी को सर को पकड कर दबाने लगी और वो मेरी चूत में अपनी उँगलियों को जोर जोर से हिला रही थी जिससे मेरी चूत से कुछ ही देर में गर्म पानी की धार निकल पड़ी।
वो सब पानी गटक गयी और मेरी चूत को चाट चाट कर साफ कर दिया तब मैं मम्मी से बोली मम्मी मुझे अपनी चूत में लंड लेना है तब मम्मी ने कहा फिर कभी मैं तुम्हे लंड से चुदवाउंगी।
मैं उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी।