दोस्तो, मेरा नाम आकाश है, मैं जयपुर का रहने वाला हूँ।
यह मैम हॉट स्टोरी मेरे कॉलेज के टाइम की है।
मेरा कॉलेज हमें हर साल कॉलेज ट्रिप पर लेकर जाता था।
मैं पहले तीन साल तो कॉलेज ट्रिप पर नहीं गया क्योंकि मैं मेरे पापा के दोस्त की कम्पनी में काम सीख रहा था।
कॉलेज खत्म होते ही एक अच्छी पोस्ट मिलने की लालच में मैं ज्यादा छुट्टियां भी नहीं लेता था।
पर मैंने लास्ट ईयर में कॉलेज ट्रिप जाने की सोची और साथ चलने के लिए सारे कॉलेज फ्रेंड्स को भी मना लिया।
कॉलेज के प्रिंसिपल सर मेरे पड़ोसी हैं और मेरे पापा के अच्छे दोस्त भी हैं।
तो मैंने उन्हें बाली ले जाने का आईडिया दिया और वह मान गए।
अब मैंने प्रिंसिपल सर और कॉलेज मैंनेजर ने बाली जाने का, वहां रहने और घूमने की पूरी तैयारी कर ली।
कॉलेज में अनाउंस भी करवा दिया।
मैं और मेरे सारे दोस्त तो पहले से ही तैयार थे … और भी बहुत से छात्र थे, पर सबके सब फ्रेशर थे।
हमें मिला कर कुछ ही सीनियर थे।
ट्रिप पर जाने से एक दिन पहले मैनेजर सर का एक्सीडेंट हो गया और वे अब हमारे साथ नहीं चल सकते थे।
प्रिंसिपल सर ने ट्रिप कैंसल करने की सोची, पर मेरे बहुत मनाने पर मान गए।
अब इस ट्रिप का नया लीडर और गाइड मैं हो गया था।
मेरे साथ प्रिंसिपल सर ने एक सर और दो मैडम को भी ट्रिप पर भेज दिया, जिनमें से एक का नाम सरोज है।
सरोज मैडम की हाईट 5 फीट है, रंग सांवला और शरीर भी थोड़ा मोटा है उनकी उम्र 50 साल होगी. वे दिखने में भी ठीक ठाक हैं।
हमारी दूसरी मैडम प्रिया कातिल फिगर की मालकिन हैं।
पूरा कॉलेज उन पर मरता है।
मैडम की उम्र 35 साल, रंग गोरा, हाईट 5.5 फीट और फिगर 36-30-38 का।
प्रिया मैडम के फिगर को देख कर ही लगता है कि वे रोज जिम जाती होंगी।
अब हम सब हवाई जहाज में बैठ गए, मैं विंडो सीट पर बैठा था, मेरे पास में प्रिया मैडम और उनके पास में सरोज मैडम बैठी थीं।
आज मैंने मौका देख कर प्रिया मैडम के साथ बहुत खुल कर बातचीत की.
वे भी बहुत ही फ्रैंक होकर मुझसे बात कर रही थीं, हम सभी शाम को अपने रिज़ॉर्ट में पहुंच गए थे।
मैंने लड़कों के रूम्स का अलग और लड़कियों के रूम्स का अलग फ्लोर लिया था, मेरा रूम लड़कियों के फ्लोर पर था जो मैंने जानबूझ कर प्रिया मैडम के रूम से लगा हुआ लिया था।
अब सब सुबह पूल में पहुंच गए, पूल भी लेडीज का अलग था, मैं लेडीज पूल में था।
प्रिया मैडम पूल के किनारे बैठी हुई थीं, मेरे पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके पास स्विमिंग ड्रेस नहीं है।
तो मैंने उनके लिए स्विमिंग कॉस्ट्यूम अरेंज करवा कर दिया, पर उनकी टी-शर्ट ज्यादा ढीली थी और निक्कर थोड़ी टाइट।
उन्होंने वह ड्रेस ले ली और जैसे ही वह उस ड्रेस को पहन कर आयी तो क्या कातिल लग रही थीं, वह जैसे ही पूल में उतरीं, उनकी टी-शर्ट उनके बूब्स से चिपक गयी।
आह क्या नजारा था, चौड़ी गांड, मोटे मोटे बूब्स देख कर तो मेरा लंड ही खड़ा हो गया।
मैडम को स्विमिंग नहीं आती थी तो वे पानी से थोड़ा डर रही थीं, मैंने उन्हें दिलासा दी कि मैं आपको स्विमिंग सिखा देता हूँ।
थोड़ा समझाने के बाद वह मान गईं, अब मैं उनको स्विमिंग सिखाने लगा, मेरा एक हाथ उनके पेट पर और एक हाथ उनके पैरों को पकड़े हुए था।
वे पानी में पैर हिला रही थीं, बीच बीच में मेरा हाथ उनके बूब्स पर टच हो रहा था पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
अब मैंने धीरे धीरे अपना हाथ पैरों से जांघ पर शिफ्ट कर दिया और बैलेंस बनाने के नाम पर उनकी जांघों को बार बार मसलने लगा.
उन्होंने अब भी कुछ नहीं कहा।
अब मेरा दूसरा हाथ धीरे धीरे उनके बूब्स को टच करने लगा और मेरी उंगलियां उनके बूब्स को मसलने लगीं।
मुझे लगा कि मैडम को भी मजा आ रहा था।
मैं अभी कुछ और कर पाता, पर तभी हमें पूल से निकलना पड़ा क्योंकि हमें घूमने जाना था, पूरा दिन मैडम मुझे एक हल्की सी शरारत वाली स्माइल दे रही थीं।
शाम को रिज़ॉर्ट में लौट कर सब फिर से पूल में चले गए, इस बार मैडम ने मुझे खुद से स्विमिंग सिखाने को बोल दिया।
अब मैं वापिस वही हरकतें करने लगा, धीरे धीरे मैं उनके बूब्स दबाने लगा, उनकी जांघों को मसलने लगा और एक दो बार मैंने उनकी गांड भी मसल दी।
कुछ देर बाद मैडम ने मुझे रोक दिया।
सब लोग पूल से निकल कर अपने अपने रूम में चले गए, मैं बार बार बस मैडम को ही याद कर रहा था।
काफी रात गहरा गई थी, तभी मेरे रूम की घंटी बजी, मैंने जैसे ही रूम खोला, सामने प्रिया मैडम थीं।
वे एक टाइट टी-शर्ट और शॉर्ट में थीं, मैंने उन्हें अन्दर बुलाया।
हम दोनों इधर उधर की बातें कर रहे थे, तभी मैडम ने कहा- मेरे कंधे बहुत दुख रहे हैं, क्या तुम थोड़े दबा दोगे?
मैं उनके कंधे दबाने लगा, इससे मैडम बहुत ही रिलेक्स फील कर रही थीं।
तभी मैडम मुझसे पूछने लगीं कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है?
मैंने मैडम को मना कर दिया।
तो मैडम ने कहा- तुम झूठ बोल रहे हो, मैंने मैडम से कहा- अभी नहीं है, पर पहले थी।
मैडम ने पूछा- तो उसके साथ सेक्स भी किया होगा?
मैं यह सुन कर दंग रह गया.
मैंने कहा- थोड़ा बहुत किया है.
मैडम ने कहा- ऐसा क्यों?
मैंने मैडम को बताया कि उसे ये सब ज्यादा पसंद नहीं था।
मैडम हंस पड़ीं और बोलीं- सेक्स किसको पसंद नहीं होता!
अब मैंने मौका देखते हुए मैडम से कहा- अगर आपका शरीर ज्यादा थक गया हो, तो मैं आपके पैरों की भी मसाज कर दूँ?
कुछ पल सोचने के बाद वह मान गईं और बोलीं- पर आराम से करना।
मैंने उनके कहने के अंदाज से यही समझा कि ये चुदाई आराम से करने की कह रही हैं।
वे बेड पर उल्टा लेट गईं।
अब मैं उनके पैरों की उंगलियां दबाने लगा, मैडम को मजा आने लगा।
मैं धीरे धीरे पैर दबाते दबाते उनकी जांघ तक पहुंच गया और जांघों को मसलने लगा, अब मैडम थोड़ी थोड़ी कामुक आवाज निकालने लगीं।
मैं उनकी जांघ के अन्दरूनी हिस्से को भी मसलने लगा और धीरे धीरे मेरा हाथ उनकी चूत के करीब पहुंच गया, पर मैंने चूत को टच नहीं किया।
मैंने मैडम से कहा- अगर आपको मसाज पसंद आयी हो, तो मैं आपकी पीठ की ऑयल मसाज भी कर सकता हूँ।
मैडम ने थोड़ा झिझक कर हां कह दिया पर कहा कि किसी को बताना मत!
मैंने हामी भरी और बाथरूम से मसाज ऑयल लेकर आ गया।
तब तक वे भी टी-शर्ट उतार कर पीठ के बल बेड पर लेट गईं, उन्होंने लाल कलर की डिजाइनर ब्रा पहन रखी थी, उनके बूब्स ब्रा के साइड से बाहर आ रहे थे।
यह देख कर मेरा लंड उफान मारने लगा।
मैंने अपने को काबू किया और उनकी लोवर बैक की मसाज करने लगा, धीरे धीरे मैं उनकी पूरी की पूरी पीठ को मसलने लगा।
मैडम को भी मजा आने लगा।
वे बहुत ज्यादा कामुक होकर मादक आवाजें निकाल रही थीं, मुझे ब्रा की स्ट्रेप की वजह से मसाज करने में दिक्कत हो रही थी, तो मैंने मैडम को ब्रा स्ट्रिप को खोलने को कहा, वे वासना में इतनी ज्यादा डूब चुकी थीं कि उन्होंने ब्रा की स्ट्रिप खोल दी।
अब मुझे उनके गोरे बूब्स साइड से साफ दिख रहे थे, बिल्कुल दूध से सफेद।
मैं उनकी रगड़ कर मालिश करने लगा और मैडम जोर जोर से आह आह की कामुक आवाजें निकालने लगीं, मैं हल्के हाथों से उनके बूब्स को साइड से सहलाने लगा।
मैडम और भी ज्यादा प्यार भरी आवाजें निकालने लगीं।
यहां मेरा लंड पैंट में दर्द करने लगा, मैंने मौका पाकर मैडम से पेट की मालिश के लिए पूछ लिया।
पहले तो मैडम ने मना कर दिया, फिर तुरंत ही हां भी बोल दिया, पर मुझसे आंखें बंद करके मालिश करने को कहा।
मैं मान गया और मैडम के आदेश को फॉलो करते हुए अपनी आंखें बंद करके उनके पेट पर धीरे से बैठ गया और उनकी मालिश करने लगा।
मेरा हाथ जैसे ही बूब्स के करीब पहुंचा, तो मैडम ने टोक दिया और नीचे नीचे मालिश करने को कहा।
मैंने भी डर के मारे आंखों को बंद रखा और मालिश जारी रखी, थोड़ी देर में ही मैडम की कामुक आवाज फिर से शुरू हो गयी।
मैंने हिम्मत करके थोड़ी सी आंख खोली तो मैडम आंखें बंद करके मादक आवाजें निकाल रही थीं, मैं अब आंख खोल कर मालिश करने लगा।
उनके बूब्स ब्रा से ढके हुए थे पर बहुत ही मस्त लग रहे थे, मैं धीरे धीरे हाथ ऊपर की ओर बढ़ाने लगा तो मैडम अपनी ब्रा धीरे धीरे खिसकाने लगीं।
उन्होंने अपनी ब्रा पूरी तरह से साइड में कर दी, क्या तो बूब्स थे उनके… मैं तो देखते ही पागल हो गया।
मैं धीरे धीरे उनके बूब्स को नीचे से टच करने लगा, मैडम ने कुछ नहीं कहा।
मैंने हिम्मत करके उनके बूब्स पर हाथ रख दिया और आंखें बंद करके धीरे धीरे मालिश करने लगा।
मैडम ने अब भी कुछ नहीं कहा, मैं मैडम के बूब्स मसलने लगा, मैडम कराहने लगीं।
मैंने मालिश करते हुए अपने होंठ मैडम के होंठों पर रख दिए और उन्हें किस करने लगा, मैडम भी मेरा पूरा साथ देने लगीं।
हॉट मैम पागलों की तरह मेरे होंठों को चूसे जा रही थीं और मैं उनके बूब्स दबा रहा था।
कुछ देर बाद मैं उनकी गर्दन को चूमने लगा तो वे मचल उठीं, पर उनकी आंखें अब भी बंद थीं।
मैं उन्हें चूमते हुए नीचे आया और उनके बूब्स को चूसने लगा।
बूब्स चूसते चूसते मैंने मेरा एक हाथ उनके शॉर्ट के अन्दर डाल दिया और पैंटी के ऊपर से उनकी चूत मसलने लगा.
उनकी चूत पूरी गीली थी।
मेरी इस हरकत से वह जल बिन मछली की तरह तड़पने लगीं, अब मैंने उनके शॉर्ट को खोल दिया और पैंटी उतार कर मैम की चूत को देखने लगा।
बिल्कुल क्लीन शेव, किसी कुंवारी लड़की की चूत की तरह लग रही थी, मैं उनकी चूत पर टूट पड़ा और उनकी चूत को चाटने लगा।
उन्होंने अपना हाथ मेरे सर पर रख दिया और मेरे सर को चूत की तरफ दबाने लगीं।
साथ ही वे जोर जोर से उह आह आह हो आह की आवाजें निकालने लगीं, उनकी ये कामुक आवाजें सुन कर मैं और जोर से उनकी चूत चाटने लगा.
कुछ देर बाद उन्होंने छटपटाते हुए सारा पानी निकाल दिया और खुद बेसुध हो कर लेटी रहीं.
मैं उनका सारा पानी पी गया, क्या स्वाद और क्या खुशबू थी.
अब मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े उतारे और उनके बूब्स पर बैठ गया।
मैंने मैडम को आंखें खोलने को कहा. उन्होंने जैसे ही आंखें खोलीं, मेरा बड़ा लंड ठीक उनके मुँह के ऊपर था।
वे मेरा लंड देख कर चौंक गयी और शर्म के मारे आंखें चुराने लगीं।
मैंने एक हाथ से उनकी गर्दन को ऊपर उठाया और लंड उनके मुँह में दे दिया।
वे भी बड़े प्यार से मेरा लंड चूसने लगीं. लंड चूसने में वे पक्की खिलाड़ी थीं।
कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मैंने उन्हें पेट के बल पलंग के किनारे लेटने को कहा और मैं पलंग के किनारे खड़ा हो गया।
मैंने उन्हें फिर से लंड चूसने को कहा, वह मेरा लंड पूरा अन्दर गले तक उतार कर चूसने लगीं।
मेरा लंड उनके मुँह में ठीक से आ भी नहीं रहा था, फिर भी उन्होंने वह पूरा अन्दर तक लेकर चूस लिया।
मैंने उनके बाल पकड़े और उनके मुँह को चोदने लगा।
उनकी सांस फूलने लगी पर वे बराबर अपना मुँह चुदवाने लगीं और मैं अपनी चरम सीमा पर आ गया।
मैंने अपना पूरा सारा वीर्य उनके मुँह में खाली कर दिया और उनके पास में लेट गया।
वे मेरा सारा वीर्य चूस गईं और मेरे पास में लेट कर मेरे पूरे शरीर को चूमने लगीं, मेरे लंड को सहलाने लगीं।
कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से चार्ज हो गया।
उन्होंने मुझसे कहा- आकाश, चोद दे अब मुझे… मुझसे बर्दाश्त नहीं होता, कब से बड़े लंड के लिए तरस रही थी।
मैंने भी देर न करते हुए उनके ऊपर चढ़ कर अपना लंड उनकी चूत पर सैट कर दिया और एक जोर का धक्का दे दिया।
मेरा आधा लंड उनकी चूत में चला गया।
वे जोर से चीख पड़ीं, मैं रुक गया।
मैंने थोड़ा इंतजार किया और एक और जोर का धक्का दिया।
अब मेरा पूरा लंड उनकी चूत में समा गया।
उनकी आंखों से आंसू आ गए।
चूत लंड के हिसाब से थोड़ी टाइट थी।
मैं थोड़ा रुक कर उनके होंठों को चूसने लगा।
वे जैसे ही नॉर्मल हुईं, मैं धीरे धीरे उन्हें चोदने लगा और उनके होंठ चूसने लगा।
कुछ देर बाद वह भी अपनी गांड हिलाने लगीं तो मैंने अपने हाथों को पलंग पर रख कर पकड़ बनाई और धीरे धीरे स्पीड बढ़ाते हुए उन्हें जोर जोर से चोदने लगा।
वे जोर जोर से चिल्ला रही थीं- आह और जोर से … और तेज आकाश फाड़ दे मेरी चूत… भोसड़ा बना दे इसका।
मैं उन्हें और जोर जोर से चोदने लगा।
कुछ देर बाद मैंने उन्हें बिस्तर से उठाया और बालकनी में ले आया।
उधर मैंने मैडम से बालकनी की रेलिंग पकड़ कर झुकने को कहा और पीछे से एक जोर का झटका दिया।
इस बार मेरा पूरा लंड एक बार में अन्दर चला गया।
वे जोर से चीखने लगीं।
मैंने मैम को चोदना जारी रखा और पूरी रफ्तार से चोदने लगा।
वे जोर जोर से चिल्लाती हुई ‘उह आह ओह … यस लाइक दैट …’ कहने लगीं।
कुछ देर बाद मैंने अपना सारा वीर्य उनकी पीठ पर निकाल दिया और हम दोनों जकुजी में जाकर आराम से बैठ गए।
बाद में बाहर आकर मैंने हॉट मैम को काउगर्ल और मिशनरी स्टाइल में चोदा।
उस पूरी रात में मैंने मैडम को चार बार चोदा।
अगली सुबह मैडम जल्दी अपने कमरे में जाकर सो गईं।
अगले पूरे दिन मैडम से ठीक से चला नहीं जा रहा था।
उस दिन के बाद मैडम और मुझे जब भी मौका मिलता, हम दोनों चुदाई कर लेते हैं।
वैसे हम दोनों को बालकनी में चुदाई करते हुए स्वाति और राधिका ने देख लिया था।